वाराणसी – एक अदबुध नागरी

वाराणसी की गलियों मे जब “हर हर महादेव” की आवाज़ “राम नाम सत्या है” के साथ सुननें को मिलता है तब भूत, वर्तमान और भविष्य का अंदाज़ा इंसान को लगा जाता है। एक तरफ बनारस दुनिया की सबसे पुरानी शहर मे से एक, दूसरी तरफ “हर हर महादेव” की हुंकार जो आपके ज़िंदा का प्रमाण देती है और “राम नाम सत्या है” की आवाज़ आपको एहसास दिलाता है सब यही खत्म हो जायेगा। शाम की गंगा आरती इतनी मनमोहक है की नज़र हटेगी ही नहीं, वाराणसी के गंगा किनारे कुल 88 घाट है और हर घाट की अपनी कहानी, जब गंगा की सैर के दौरान नाव मणिकर्णिका घाट से गुजरती है तो उन जलती हुई लसो और जलने को इंतज़ार कर रहे लसो को देख कर देह सिहर उठता है, वही अस्सी घाट की सबहा – ए – बनारस देख कर जो सकारात्मक ऊर्जा जा उत्सर्जन होत है आत्मा मै तो मन करता है सब छोड़ कर बस यही बस जाओ।
बनारस एक ऐसी जगहा जो कल का सर समेटे हुए आने वाली नवीन आधुनिक धर्म की राजधानी बनाने का दम रखता है।

Kumar Kaustubh

Kumar Kaustubh

Kumar Kaustubh is an Indian author and has pen downed 6 novels and more then 500 poems. A passionate author and aspiring journalist.

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